इंजीनियर किसे कहते है Engineer के प्रकार

इंजीनियर किसे कहते है Engineer के प्रकार

इंजीनियर किसे कहते है Engineer के प्रकार इंजीनियर से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी

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दुनिया में सभी अभ्यर्थी पढ़ाई करते समय अपना कुछ बनने का एक लक्ष्य निर्धारित करते हैं, जिनमे से कुछ अभ्यर्थी डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, तो कुछ रेलवे में चले जाते है, तो कुछ बैंक मैनेजर और जिनमे से बहुत अभ्यर्थी ऐसे भी होते हैं, जिनका सपना इंजीनियर बनने का होता है | यह टेक्नोलॉजी का युग चल रहा है आये दिन विभिन्न प्रकार के नए नए उपकरण बाजार में आ रहे हैं जिनके उपयोग से हमारा दैनिक जीवन काफी सुगम हो गया है। इन सभी टेक्नोलॉजी के संसाधनों को बनाने के लिए एक कुशल इंजीनियर की जरुरत होती है

क्योंकि इंजीनियर का कोर्स करने में 3 या 4 साल का समय लगता है और साथ ही इंजीनियर बनने के लिए अभ्यर्थियों को बहुत अधिक मेहनत भी करनी होती है क्या आप इंजीनियर के बारे में जानते हैं? क्या आपको पता है कि इंजीनियर कैसे बनते हैं? इंजीनियर कितने प्रकार के होते हैं? यहां मैं आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दूंगा।

इंजीनियर किसे कहते हैं

इंजीनियर किसे कहते है Engineer के प्रकार

जो  व्यक्ति किसी वस्तु का आविष्कार करें उसका डिजाइन बनाएं या मशीन टेस्ट करें, अलग-अलग प्रयोग करके  किसी नई वस्तु का आविष्कार करके सफलता प्राप्त कर  लें, तो उस व्यक्ति को ही इंजीनियर कहा जाता  हैं | जो अभ्यर्थी  इंजीनियर बनने का सपना देखता  हैं उसे इंजीनियर की पढ़ाई करनी होती है | इंजीनियर को हिंदी में अभियंता कहते हैं और इंजीनियरिंग को हिंदी में अभियांत्रिकी कहते हैं। जिसके लिए अभ्यर्थियों को कम से कम 3 साल का डिप्लोमा या डिग्री  प्राप्त करना जरूरी होता है क्योंकि इन डिग्रियों के बिना अभ्यर्थी एक इंजीनियर नहीं बन सकता है | किसी नई चीज का निर्माण करने वाले व्यक्ति को हम इंजीनियर कहते है | विभिन्न प्रकार की मशीन, उपकरण, सॉफ्टवेयर, इमारत आदि का डिज़ाइन, निर्माण, मरम्मत कार्य करने वाले व्यक्ति को इंजीनियर कहते हैं।

इंजीनियर का काम क्या होता है

मानव जीवन से जुड़े विभिन्न कार्यों को सरल बनाने और विभिन्न प्रकार की तकनीकि समस्याओं से निजात पाने के लिए एक इंजीनियर गणित और विज्ञान का उपयोग करके विभिन्न प्रकार की मशीनें, उपकरण आदि का निर्माण करता है। जिससे कोई कार्य अधिक आसान हो जाता है।

किसी भी मशीन या ईमारत आदि का डिज़ाइन तय करना और उसे आकर्षक आकृति देना, संरचना को अधिक सरल बनाना, उसकी क्षमता को अधिक करना, उसे आसानी से उपयोग करने योग्य बनाना, उस चीज को बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्री तय करना, मशीन या उपकरण के निर्माण के पश्चात उसका विभिन्न मानकों पर परीक्षण करना तथा किसी प्रकार की खराबी आ जाने पर उसकी मरम्मत करना आदि सभी काम एक इंजीनियर के होते हैं।

इंजीनियरिंग कितने प्रकार के होते हैं

इंजीनियरिंग के कई पार्ट होते हैं जिनमें अभ्यर्थी अलग – अलग डिपार्ट के इंजीनियर बनते है, क्योंकि कुछ अभ्यर्थी  कंप्यूटर में रुचि रखते है, तो वह कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करके अपना भविष्य कंप्यूटर के क्षेत्र में बनाने के लिए पढ़ाई करते है | इसके साथ ही इंजीनियर के अंतर्गत और भी कई पार्ट होते हैं, जिनके लिए पढ़ाई करके अभ्यर्थी के इंजीनियर बन सकता है

Types Of Civil Engineering

  • Civil इंजीनियरिंग
  • Structural इंजीनियरिंग
  • Architectural इंजीनियरिंग

Types Of Mechanical Engineering

  • Biomedical इंजीनियरिंग
  • Biomechanical इंजीनियरिंग
  • Automotive इंजीनियरिंग
  • Mechanical इंजीनियरिंग
  • Aerospace इंजीनियरिंग

Types Of Electrical Engineering

  • Robotics इंजीनियरिंग
  • Microelectronic इंजीनियरिंग
  • Mechatronics इंजीनियरिंग
  • Electrical इंजीनियरिंग
  • Electronics इंजीनियरिंग
  • Computer इंजीनियरिंग

Electronics Engineer Kaise Bane ? इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर क्या है ?

Types Of Chemical Engineering

  • Materials Science इंजीनियरिंग
  • Sustainability Design
  • Environmental इंजीनियरिंग
  • Chemical इंजीनियरिंग
  • Agricultural इंजीनियरिंग
  • Paper इंजीनियरिंग

Types Of Management Engineering

  • Systems इंजीनियरिंग
  • Industrial इंजीनियरिंग
  • Manufacturing इंजीनियरिंग
  • MBA In इंजीनियरिंग
  • इंजीनियरिंग Management

इंजीनियर कैसे बनें

Engineering courses मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं

डिप्लोमा कोर्स

यह दो अथवा तीन वर्षीय कोर्स होता है इसे सामान्यतः 10th के बाद किया जा सकता है। यह एक तरह का छोटा इंजीनियरिंग कोर्स होता है जिसे करने के बाद एक जूनियर इंजीनियर का पद मिल सकता है।

बेचलर डिग्री

यह चार वर्षीय बीटेक अथवा बीई कोर्स होता है इसे करने के लिए गणित और विज्ञान विषय से 12th पास होना जरूरी है। यह एक अंडर ग्रेजुएशन डिग्री होती है तथा यह डिप्लोमा कोर्स से बड़ा कोर्स होता है।

मास्टर डिग्री

यह पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स होता है इसे बीटेक अथवा बीई के बाद किया जाता है। यह 2 वर्ष का होता है। इसे करने के बाद आपको किसी संस्थान में प्रोफेसर का पद मिल सकता है या फिर किसी कंपनी में सीनियर इंजीनियर का पद भी मिल सकता है।

ऊपर दिए तीनों कोर्स में विभिन्न प्रकार की ब्रांच होती है, आपको जिस भी फील्ड में रूचि हो आप उसमे एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है

विभिन्न क्षेत्रों और कार्यों के अनुसार इंजीनियर की सैलरी भी अलग-अलग होती है एक इंजीनियर को शुरुआत में सामान्यतः लगभग 30 हजार से 50 हजार रूपये प्रतिमाह तक की सैलरी मिल सकती है। अनुभव और प्रमोशन के अनुसार सैलरी और बढ़ भी जाती है। कुछ बड़ी-बड़ी कंपनियां इससे ज्यादा सैलरी भी देती हैं जैसे बड़ी आईटी कंपनियां आईआईटी के छात्रों को 20 से 40 लाख सालाना तक के पैकेज देती हैं।

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